Wednesday, January 30, 2019

ELKDTAL First Review: कैसी है सोनम-अन‍िल कपूर की फिल्म? सेलेब्स ने बताया

Ek Ladki ko Dekha Toh Aisa Laga First Review : सोनम कपूर आहूजा, अनिल कपूर, राजकुमार राव और जूही चावला स्टारर मूवी "एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा" शुक्रवार एक फरवरी को रिलीज होने जा रही है. मुंबई में सेलेब्‍स के लिए फिल्म की ख़ास स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया. फिल्‍मी स‍ितारों ने सोनम कपूर की फिल्‍म देखने के बाद फर्स्‍ट र‍िव्‍यू द‍िया है.

प्रीमियर में शामिल हुईं ड‍िजाइनर मसाबा ने इमोशनल नोट ट्वीट करते हुए ल‍िखा, "मैंने बीती रात एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा देखी. ऐसा बहुत कम होता है जब भावनाओं को ठेस पहुंचाए ब‍िना फिल्‍म के जारी एक खास संदेश दिया जाए. सोनम तुमने शानदार काम किया है. राजकुमार, काम में तुम्‍हारी ईमानदारी तारीफ के काब‍िल है. तुम कैसे खूबसूरती से अपने किरदार को न‍िभा लेते हो. अन‍िल अंकल आपका काम तो अमेज‍िंग है. पूरी फिल्‍म में सबसे शानदार हैं आप."

सोनम कपूर-राजकुमार राव की फिल्‍म देखकर फिल्‍म न्‍यूटन के डायरेक्‍टर अमित वी मसुरकर ने ट्वीट किया, "क्‍या शानदार र‍िफ्रेश कर देने वाली फिल्‍म है. बहुत ही मनोरंजक."

फिल्‍म का ट्रेलर र‍िलीज होने के बाद से ही इसे लेकर दर्शकों में दिलचस्पी है. ट्रेलर में कहानी को लेकर सस्‍पेंस बनाकर रखा गया था. फिल्‍म र‍िलीज के ठीक 3 द‍िन पहले इसका दूसरा ट्रेलर र‍िलीज हुआ. इसमें भी कहानी के सस्‍पेंस का बज बनाया गया. लेकिन फिल्‍म समलैंगिक र‍िश्‍ते पर आधार‍ित दास्‍तां को बंया करती है, ये बात पहले ही सामने आ गई है. ऐसे व‍िषय पर बनी फिल्‍म कैसी होगी और दर्शकों का कैसा र‍िस्‍पांस मिलेगा इसे जानने के लिए एक फरवरी का इंतजार फिल्‍म की पूरी स्‍टार कास्‍ट को रहेगा.

फिल्‍म का व‍िषय नया है, यही वजह रही कि इसका प्रमोशन भी स्‍टार कास्‍ट ने अलग अंदाज में किया. फिल्‍म प्रमोशन के दौरान सोनम कपूर, अन‍िल कपूर, जूही चावला, राजकुमारा राव सब एक शाीशे के बने बॉक्‍स में खुद को बंद करके इवेंट में खड़े नजर आए. फिल्‍म को शैली चोपड़ा ने डायरेक्‍ट किया है, बतौर डायरेक्‍टर उनका बॉलीवुड में एक प्रोगेस‍िव कहानी के साथ डेब्‍यू हो रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि अगर पूर्ण बहुमत नहीं होता तो मोदी जवाब में कह देता कि मिलीजुली सरकार है. आज पूर्ण बहुमत की सरकार है इसलिए देश का नाम विश्व में आगे बढ़ रहा है.

मोदी गुजरात के नवसारी जिले में स्थित दांडी का दौरा करेंगे. जहां पर राष्ट्रीय साल्ट सत्याग्रह मेमोरियल बनाया गया है. इस स्मारक में महात्मा गांधी और उनके साथ आंदोलन करने वाले 80 अन्य सत्यग्राहियों का स्टैच्यू भी बनाया गया है.

आगे क्या करेगी कांग्रेस?

राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के मंच से आमदनी गारंटी की बात कर अपनी चुनावी फिल्म का ट्रेलर दिखा दिया है. आगे तय है कि पार्टी अपने घोषणा पत्र में गारंटी योजना लागू करने का ऐलान करेगी और बताएगी कि यह गरीबों की दशा बदलने वाला क्रांतिकारी कदम होगा. भले आप कह लें कि पार्टियों की घोषणाओं में हवा-हवाई बातें ज्यादा होती हैं जिन पर लोग भरोसा कम और सवाल ज्यादा उठाते हैं. मगर हाल में बीते विधानसभा चुनावों का लब्बोलुआब यही है कि घोषणाएं अगर गंभीर हों, गरीब-गुरबा की संवेदना को छूने वाली हों तो लोग भरोसा करते हैं और पार्टियों को वोट मिलते हैं. लिहाजा कांग्रेस अगर गारंटी योजना घोषणा पत्र में लाती है तो इसमें कोई हैरत नहीं.

क्यों पिछड़ गई मोदी सरकार?

सवाल है कि जो ऐलान आज राहुल गांधी कर रहे हैं, उसमें मोदी सरकार कैसे पिछड़ गई? यह यक्ष प्रश्न इसलिए भी गंभीर है क्योंकि 2016-17 की आर्थिक समीक्षा में सार्वभौमिक मूलभूत आय या यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) का विचार सामने रखा गया था. आज की तारीख से जोड़ें तो दो साल पहले यह अवधारणा मोदी सरकार के दिमाग में थी लेकिन इसमें कहां चूक हुई, यह विचार-विमर्श का विषय है. अब मोदी सरकार यूबीआई को आगे बढ़ाती भी है तो उसपर 'कॉपीकैट' का चस्पा लगेगा और यही कहा जाएगा कि कांग्रेस का विचार आगे बढ़ाने में मोदी सरकार माहिर है.

Tuesday, January 22, 2019

WEF के प्रेसिडेंट ने कहा-औद्योगिक नीति के मामले में प्रतिस्पर्धा करें BJP-कांग्रेस

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के प्रेसिडेंट बोर्जे ब्रेंडी ने कहा कि भारत कई देशों के लिए बड़े निवेशक की भूमिका निभा रहा है. ब्रेंडी ने कहा कि लोकसभा चुनाव की बात करें तो बीजेपी और कांग्रेस में प्रतिस्पर्धा इस बात के लिए होनी चाहिए कि कौन बेहतर औद्योगिक नीतियां देता है. दावोस में इंडिया टुडे टीवी के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल से एक खास बातचीत में उन्होंने यह बात कही.

WEF के प्रेसिडेंट ने कहा, 'नेपाल, म्यांमार जैसे देशों में निवेश के मामले में भारत अब चीन से मुकाबला कर रहा है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की प्राथमिकता में अभी भी भारत का प्रमुख स्थान है.' गौरतलब है कि दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का आयोजन हो रहा है.


WEF के लिए भारत कितना जरूरी है

पिछले साल दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत पर काफी फोकस था. तब इस कार्यक्रम में पीएम मोदी भी शामिल हुए थे. ऐसे में जब इस साल भारत चुनाव की ओर जा रहा है, क्या WEF की प्राथमिकता में बना हुआ है? इस सवाल पर ब्रेंडी ने कहा, ‘भारत हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हमने पिछले साल जब CII के सहयोग से मुंबई में इंडिया इकोनॉमिक समिट का आयोजन किया था, तो उसमें भारत सरकार के कई वरिष्ठ लोगों से मिले थे. भारत ने सुधार की इच्छा जताई है और स्किल पर काम हो रहा है.'

क्या आप मोदी सरकार से इस बात पर निराश हैं कि वह रिफॉर्म्स को तेजी से आगे नहीं बढ़ा रही? इस सवाल पर उन्होंने कहा, ‘हमने अपनी कॉम्पीटिटिवनेस रिपोर्ट में बताया है कि भारत ने पिछले साल के मुकाबले बेहतर काम किया है. लेकिन अभी काफी आगे जाना है. उद्यमिता पर जोर देने, ब्यूरोक्रेसी की अचड़न को खत्म करने में भारत ने अच्छा काम किया है, लेकन अभी काफी कुछ करना होगा. अभी काफी सुधार किया जाना है, अभी भी गरीबी है. क्वॉलिटी एजुकेशन वाले स्कूलों का अभाव है. ज्यादा से ज्यादा बच्चों को स्कूल भेजना होगा, वर्ल्ड क्लास स्कूल बनाने होंगे. भारत में हार्वर्ड, प्रिंसटन जैसे यूनिवर्सिटी बनानी होंगी.'

GST पर क्या है राय

जीएसटी के बारे में सवाल पर बोर्जे ब्रेंडी ने कहा कि बहुत से देश अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया में बेहतर कर रहे हैं और वे कई तरह के टैक्स लगाते हैं. ऐसा टैक्स सिस्टम होना चाहिए जहां हर कोई टैक्स देता हो. उन्होंने कहा, 'टैक्स किसी भी सभ्य देश के लिए जरूरी होता है. सरकार को राजस्व जुटाना होता है, पुलिस, स्वास्थ्य, स्कूल आदि पर खर्च के लिए यह जरूरी है. टैक्स इस तरह से भी होने चाहिए कि असमानता न हो. आप देख रहे हैं कि अब ज्यादातर व्यापार सूचनाओं के प्रवाह के रूप में बढ़ रहा है, इसलिए अब टैक्स किस तरह से लगाया जाए, यह सरकारों को सोचना होगा. इसके लिए कोई स्मार्ट तरीका अपनाना होगा.

चौथी औद्योगिक क्रांति में भारत का स्थान कहां है ?

इस सवाल पर उन्होंने कहा, 'भारत को क्वालिटी ऑफ एजुकेशन और बेहतर करना होगा, बुनियादी ढांचा निवेश में काफी गुंजाइश है. भारत में सुधारों पर जोर दिया जा रहा है और काफी मेहनती लोग हैं, जो चौथी औद्यो‍गिक क्रांति के लिए जरूरी है. भारत के पास आगे बढ़ने का मौका है. 

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैकिंग में भारत ने लंबी छलांग लगाई है. लेकिन ब्रेंडी का मानना है कि अभी भी भारत के सामने कई चुनौतियां हैं. उन्होंने कहा, 'भारत फेडरल स्टेट है, और राज्यों का अलग नियम कायदा है, विदेशि‍यों को इसे समझने में दिक्कत होती है, भारत को इसे देखना होगा. वैश्विक सुस्ती से भी भारत बेहतर तरीके से मुकाबला कर सकता है. भारत में 6 से 7 फीसदी की ग्रोथ जरूरी है, ताकि जॉब, जरूरी रेवेन्यू, हासिल हो सके और भारत को इनक्रेडिबल बनाया जा सके.'

Thursday, January 10, 2019

48 मेगापिक्सल कैमरे के साथ रेडमी नोट 7 लॉन्च, इसमें 4000mAh की बैटरी जो 10 दिन से ज्यादा चलेगी

चीनी कंपनी श्याओमी ने अपने रेडमी सब-ब्रांड के तहत नया स्मार्टफोन रेडमी नोट 7 गुरुवार को चीन में लॉन्च कर दिया। श्याओमी और रेडमी अब दो अलग-अलग ब्रांड हैं। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत है इसका रियर कैमरा। इसके रियर पर ड्युअल कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसका प्राइमरी सेंसर 48 मेगापिक्सल और सेकंडरी सेंसर 5 मेगापिक्सल का है। वहीं, इसके फ्रंट में 13 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है, जो फेस अनलॉक फीचर को भी सपोर्ट करता है।

10 दिन से ज्यादा चलेगी इसकी बैटरी
रेडमी नोट 7 में 4000mAh की बैटरी दी गई है, जो क्विक चार्ज 4 को सपोर्ट करती है। कंपनी का दावा है कि एक बार की चार्जिंग में इसकी बैटरी 251 घंटे का स्टैंडबाय टाइम दे सकती है, यानी इसकी बैटरी 10 दिन से ज्यादा चल सकती है। इसके अलावा, इसकी बैटरी से 23 घंटे का टॉकटाइम, 13 घंटे का वीडियो प्लेबैक और 7 घंटे तक गेमिंग की जा सकती है।

सिर्फ 10,300 रुपए है इसकी शुरुआती कीमत
इस फोन को कंपनी ने तीन वैरिएंट में उतारा है। पहला वैरिएंट 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज के साथ आता है जिसकी कीमत 999 युआन (करीब 10,300 रुपए) रखी गई है जबकि 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वैरिएंट की कीमत 1,199 युआन (करीब 12,400 रुपए) है। वहीं, 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वाले वैरिएंट को 1,399 युआन (करीब 14,500 रुपए) में उतारा गया है।

पासवर्ड शेयरिंग के आधार पर यूजर को 1 से 10 तक की रेटिंग मिलेगी। 1 का मतलब होगा यूजर ने किसी से पासवर्ड शेयर नहीं किया वहीं 10 का मतलब होगा कि पासवर्ड ज्यादा लोगों को दिया जा रहा है।

इसके बाद इस डेटा के आधार पर यूजर को अलर्ट मैसेज के जरिए ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी जा सकेगी।

ज्यादा लोगों को पासवर्ड शेयर करने के लिए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन होगा
सिनामीडिया का कहना है कि, अकाउंट-पासवर्ड शेयरिंग को अनदेखा करना स्ट्रीमिंग सर्विस देने वाली कंपनियों को बहुत महंगा पड़ रहा है। कंपनी ने बताया कि उनका नया सॉफ्टवेयर कंपनियों को ऐसे यूजर के खिलाफ एक्शन लेने की क्षमता देता है।

कंपनी के मुताबिक, सॉफ्टवेयर के जरिए पता लगा जाएगा कि एक अकाउंट को कितने लोगों के साथ शेयर किया जा रहा है, अगर अकाउंट ज्यादा लोगों को शेयर किया जा रहा है तो उसके लिए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन दिया जाएगा। इस सब्सक्रिप्शन को लेने के बाद ही यूजर अपने अकाउंट को ज्यादा लोगों तक शेयर कर सकेगा।

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